क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE) : स्थापना, उद्देश्य एवं कार्य

इस आर्टिकल में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE) क्या है, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के उद्देश्य, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के कार्य, क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के विभाग, भारत में शिक्षा के कुल 6 क्षेत्रीय संस्थान के बारे में चर्चा की गई है।

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान क्या है

What is Regional Institute of Education : राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा 1963 में शिक्षा के क्षेत्र में 4 क्षेत्रीय शिक्षा महाविद्यालय अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर और मैसूर में NCERT के घटक इकाइयों के रूप में स्थापित किए गए हैं। क्षेत्रीय शिक्षण संस्थानों का संचालन और नियंत्रण राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा किया जाता है।

शिक्षा के क्षेत्रीय महाविद्यालय (Regional College of Education, RCE) जो 1963 में स्थापित किए गए थे, बाद में 1995 में इसे क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (Regional Institute of Education, RIE) नाम दिया गया।

1995 में पांचवा नवीनतम क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान शिलांग में स्थापित किया गया जिसमें 2008 से कार्य करना प्रारंभ किया। देश का छठा क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, नेल्लौर (आंध्र प्रदेश) में खोला जाना प्रस्तावित है। इस प्रकार भारत में कुल 6 क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान है।

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों को नवाचार के माध्यम से सेवा पूर्व और सेवारत प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संबंधित अनुसंधान, विकास और विस्तार गतिविधियों के माध्यम से स्कूल शिक्षा में गुणात्मक सुधार के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

ये क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE) अपने विस्तार क्षेत्र में आने वाले राज्यों तथा संघ राज्य क्षेत्रों के अध्यापकों/अध्यापक प्रशिक्षकों की शैक्षिक आवश्यकताओं (सेवा पूर्व तथा सेवारत) को पूरा करता है। यह विद्यालयी शिक्षा के सभी क्षेत्रों, विशेष रूप से स्कूली शिक्षा के संसाधन के रूप में कार्य करता है।

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के उद्देश्य

  • नवाचार (Innovation) के माध्यम से स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना।
  • सेवा पूर्व और सेवारत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम और प्रासंगिक अनुसंधान, विकास और विस्तार गतिविधियां सम्पन्न करना।
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शिक्षकों / शिक्षक-शिक्षकों की शैक्षिक आवश्यकताओं (पूर्व-सेवा और सेवारत शिक्षा) को पूरा करना।
  • स्कूल और शिक्षक शिक्षा के लिए क्षेत्रीय संसाधन संस्थान के रूप में कार्य करना।
  • राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों की नीतियों को लागू करने में सहायता प्रदान करना।
  • राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SCERT, DIET, IASE जैसी संस्थानों के लिए एक समर्थन प्रणाली के रूप में कार्य करना।
  • केंद्र प्रायोजित योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन में मदद करना।
  • संलग्न बहुउद्देशीय निदर्शन स्कूलों (DMS) में स्कूल शिक्षा और शिक्षक शिक्षा में नवाचारों के माध्यम से सुधार लाने का प्रयास करना।

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के कार्य

  • स्कूल शिक्षा में गुणात्मक सुधार
  • सेवा पूर्व तथा सेवाकालीन शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम
  • शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान
  • अध्यापको की शैक्षिक जरुरतें (सेवा पूर्व और सेवारत) पूरी करता हँ।

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान के विभाग

  • शिक्षा विभाग (Education Department)
  • प्रसार शिक्षा विभाग (Extension Education Department)
  • विज्ञान एवं गणित शिक्षा विभाग (Science and Mathematics Education Department)
  • सामाजिक विज्ञान व मानवीय की शिक्षा विभाग (Department of Social Sciences and Humanitarian Education)

क्षेत्रिय शिक्षा संस्थान (RIE)

भारत में कुल 6 क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान अजमेर (राजस्थान), भुवनेश्वर (उड़ीसा), भोपाल (मध्य प्रदेश), मैसूर (कर्नाटक), शिलांग (मेघालय), नेल्लौर (आंध्र प्रदेश) में स्थित है।

(1) क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, अजमेर (राजस्थान)

RIE Ajmer की स्थापना भी NCERT की संघटक ईकाई के रूप में 1963 को की गई थी। शिक्षा का यह क्षेत्रीय संस्थान उत्तर भारत में कार्य करता है। जिसके अंतर्गत पंजाब, हरियाणा, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, उत्तरांचल, हिमाचल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और संघ शासित क्षेत्र चंडीगढ़ तक इसका क्षेत्राधिकार है।

यह संस्थान महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर से संबंध है और इनके पाठ्यक्रम एनसीटीई (NCTE) नई दिल्ली द्वारा मान्यता प्राप्त है। इस संस्थान पर नियंत्रण एनसीईआरटी (NCERT) का है। संबंध विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में प्रबंध समिति शैक्षिक हितों के मामलों पर सलाहकार की भूमिका निभाता है।

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान अजमेर सभी संस्थानों में प्रतिनिधि संस्थान है। क्षेत्रीय शिक्षा संस्थानों को राष्ट्रीय संस्थान का दर्जा देने की सरकार की योजना के तहत क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, अजमेर को सर्वप्रथम राष्ट्रीय शिक्षा संस्थान का दर्जा दिया जाएगा।

‘शैक्षिक रूझान’ यह क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, अजमेर का द्विवार्षीक समाचार पत्र है। जिसमें संस्थान से संबंधी समाचारों, उपलब्धियों, प्रगती रिपोर्ट, एवं समीक्षा आदि का प्रकाशन होता है।

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, अजमेर को इंस्टीट्यूशन ऑफ नेशनल इम्पॉरटेंस (Institution of National Importance) का दर्जा दिया गया है। यह दर्जा मिलते ही IIT और समकक्ष संस्थानों की तरह संकाय, पाठ्यक्रम, नीतियां और कामकाज में पूर्णत: स्वतंत्र हो जाएगा और प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वायत्तता प्राप्त हो जाएगी।

NCERT Act 2017 में अजमेर सहित देश के चार अन्य संस्थानों को यह दर्जा देने का प्रस्ताव शामिल है। यहां शिक्षकों एवं शिक्षा के संबलन के लिए अनुसंधान एवं प्रशिक्षण का राष्ट्रीय स्तरीय कार्य होगा।

(2) क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भुवनेश्वर (उड़ीसा)

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान,भुवनेश्वर NCERT की संघटक ईकाईयो में से एक है जिसकी स्थापना 1963 में की गई। जो अपने विस्तार क्षेत्र में अध्यापकों की शैक्षिक जरुरतें (सेवा पूर्व और सेवारत) पूरी करता है।

इस क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान का विस्तार ओडिशा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल राज्यों और संघ शासित प्रदेश अण्डमान और निकोबार द्वीपसमूह में विद्यालयी शिक्षा के सभी क्षेत्रों, विशेष रूप से स्कूली शिक्षा के संसाधन केन्द्र के रूप में कार्य करता हैं।

बहुउद्देशीय निदर्शन विद्यालय (Demonstration Multipurpose School, DMS)

यह क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भुवनेश्वर का एक अभिन्न अंग है। यह शिक्षक शिक्षा (Teacher Education) और विद्यालयी शिक्षा में नवाचार पद्धतियों का प्रयोग करने हेतु प्रयोगशाला के रूप में कार्य करता है। यह CBSC बोर्ड से मान्यता प्राप्त है और कक्षा 1 से 12 तक English Medium में शिक्षा प्रदान करता है।

बहुउद्देशीय निदर्शन स्कूल (Demonstration Multipurpose School, DMS) अजमेर, भोपाल, भुवनेश्वर और मैसूरु में प्रत्येक इकाई से जुड़ा हुआ है, जो स्कूली शिक्षा और शिक्षक शिक्षा में नवाचारों के प्रयोगों हेतु एक प्रयोगशाला के रूप में है। इनका उपयोग संस्थानों के शिक्षक-प्रशिक्षुओं के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए भी किया जाता है।

(3) क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल (मध्य प्रदेश)

RIE Bhopal की स्थापना भी NCERT की संघटक ईकाई के रूप में 1963 को की गई थी। इस संस्थान का विस्तार क्षेत्र छत्तीसगढ़, गोवा, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, दादरा और नागर हवेली और दमन और दीव (मध्य भारत) आदि है।

यह संस्थान अपने विस्तार क्षेत्र में शिक्षक शिक्षा और अन्य शैक्षिक आवश्यकताओं की देखभाल करता है।

(4) क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, मैसूर (कर्नाटक)

RIE Mysore की स्थापना भी NCERT की संघटक ईकाई के रूप में 1963 को की गई थी। इस संस्थान का विस्तार क्षेत्र दक्षिण भारत के राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और संघ राज्य क्षेत्रों पांडिचेरी और लक्षद्वीप में है। यह संस्थान इन राज्यों को तकनीकी और शैक्षणिक सहायता प्रदान करता है। यह संस्थान मैसूर विश्वविद्यालय से संबद्ध है।

(5) उत्तरी पूर्वी क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (NERIE), शिलांग

NERIE Shilang की स्थापना NCERT की संघटक ईकाई के रूप में 1995 को की गई थी। इस संस्थान ने 2008 में कार्य करना प्रारंभ किया था। इस संस्थान का विस्तार क्षेत्र उत्तर पूर्व भारत के 8 राज्यों अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा में है।

1992 में माधुरी शाह की अध्यक्षता में गठित NCERT की टास्क फोर्स ने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए एक क्षेत्रीय कॉलेज स्थापित करने की सिफारिश की थी। उस संबंध में पहला कदम 1995 में गुवाहाटी और शिलांग में NCERT की क्षेत्रीय इकाइयों को एक करके इस संस्थान की स्थापना की गई।

मई 2012 में संस्थान को शिलांग से 20 की.मी. दूर नोंग्सडर गांव, उमियाम में अपने स्थायी परिसर में स्थानांतरित किया गया।

(6) क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, नेल्लौर (आंध्र प्रदेश)

देश के हर राज्य में क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान खोलने की केंद्र सरकार की योजना के तहत देश का छठा क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, नेल्लौर (आंध्र प्रदेश) में खोला जाना प्रस्तावित है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

  1. भारत में शिक्षा के कितने क्षेत्रीय संस्थान हैं?

    उत्तर : भारत में कुल 6 क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान अजमेर (राजस्थान), भुवनेश्वर (उड़ीसा), भोपाल (मध्य प्रदेश), मैसूर (कर्नाटक), शिलांग (मेघालय), नेल्लौर (आंध्र प्रदेश) में स्थित है।

  2. क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान को कौन नियंत्रित करता है?

    उत्तर : क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (RIE) को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा संचालित और नियंत्रित किया जाता है।

  3. क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान की स्थापना का उद्देश्य क्या है?

    उत्तर : क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान की स्थापना का उद्देश्य स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना, सेवा पूर्व और सेवारत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम सम्पन्न करना, शिक्षकों और शिक्षक-शिक्षकों की शैक्षिक आवश्यकताओं (पूर्व-सेवा और सेवारत शिक्षा) को पूरा करना, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SCERT, DIET, IASE जैसी संस्थानों के लिए एक समर्थन प्रणाली के रूप में कार्य करना, संलग्न बहुउद्देशीय निदर्शन स्कूलों (DMS) में स्कूल शिक्षा और शिक्षक शिक्षा में नवाचारों के माध्यम से सुधार लाने का प्रयास करना है।

My name is Mahendra Kumar and I do teaching work. I am interested in studying and teaching competitive exams. My qualification is B.A., B.Ed., M.A. (Pol.Sc.), M.A. (Hindi).

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